Tulasa Lahariya Le

तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा, तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा सावन में तुलसा की दुई दुई पाती, भादव में हुई दुई चार मोरे आँगनवा तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा..।। कुंवार में तुलसा सयानी भई है, कातिक में रचा है बिहाव मोरे अँगनवा तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा..।। अगहन में तुलसा गौने गई है, पूस में गई फुलयाये मोरे अंगनवा तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा..।। माघ में तुलसा गंगा नहानी, फागुन मा खेले फाग मोरे अँगनवा तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा..।। चैत मा तुलसा चैतन रही है, बैसाख मा गई बैकुण्ठ मोरे अँगनवा तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा..।। जेठ मा तुलसा गरभय आई, आषाढ़ मा गई हरियाऐ मोरे अँगनवा तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा..।। साँझ का दिया न सकार के बढ़नी वही कुलवन्ती नार मेरे अँगनवा तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा..।।

Ram Lakhan Siya Janaki

राम लखन सिया जानकी आज मैने सपने में देखा, राम लखन सिया जानकी आज मैने सपने में देखा चारो ओर चार खम्भे गड़े है, चारो ओर चार खम्भे गड़े है बीच में जी की पालकी आज मैंने सपने में देखा राम लखन सिया जानकी आज मैने सपने में देखा..।। चारों ओर चार भइया खड़े है, … Read more

Gopal Pyare Mangat Makhan Roti

Introduction to the Divine Hymn of Gopal The sacred Hindu spiritual text presented here is a heartfelt hymn dedicated to Lord Gopal, an incarnation of Lord Krishna. This beautiful composition is a poignant expression of devotion, love, and surrender to the divine. The hymn is a gentle prayer, where the devotee humbly requests Lord Gopal … Read more

Ek Samay Shree Krishna Radhika

एक समय श्री कृष्ण राधिका, एक समय श्री कृष्ण राधिका खेवें नवझ्या पानी में, हाँ हाँ खेवें नवझ्या पानी में खेवत खेवत दूर निकल गए, खेवत खेवत दूर निकल गए गिर गई मुरलिया पानी में, हाँ हाँ गिर गई मुरलिया पानी में.. ।। कहत कृष्ण जी सुनव राधिका, कहत कृष्ण जी सुनव राधिका ढूंढो मुरलिया … Read more

Vat Savitri Vrat Katha

वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को सम्पन्न किया जाता है। यह स्त्रियों का महत्त्वपूर्ण पर्व है। इस दिन सत्यवान सावित्री तथा यमराज की पूजा की जाती है। सावित्री ने इसी व्रत के प्रभाव से अपने मृतक पति सत्यवान को धर्मराज से छुड़ाया था। विधानः वट वृक्ष के नीचे मिट्टी की … Read more

Brhaspativaar Vrat Katha

प्राचीन समय की बात है। भारत में एक राजा राज्य करता था। वह बड़ा प्रतापी तथा दानी था। वह नित्यप्रति मन्दिर में भगवददर्शन करने जाता था। वह ब्राह्मण और गुरु की सेवा किया करता था। उसके द्वार से कोई भी आचंक निराश होकर नहीं लौटता था। वह प्रत्येक गुरुवार को व्रत रखता एवं पूजन करता … Read more

Shiv Stuti

श्री गिरिजापति वंदिकर, चरण मध्य शिरनाय । कहत अयोध्यादास तुम, मोपर होहु सहाय ।। नन्दी की सवारी नाग अंगीकार धारी नित,  संत सुखकारी नीलकंठ त्रिपुरारी हैं । गले मुण्डमाला धारी, सिर सोहे जटाधारी वाम अंग में बिहारी, गिरिजा सुतवारी हैं ।। दानी देख भारी, शेष शारदा पुकारी । काशीपति मदनारी, कर त्रिशूल चक्रधारी हैं ।। कला … Read more

Ram Stuti

श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्। नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।। कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्। पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।। भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्। रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।। सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं। … Read more

Ganga Mantra

Introduction to the Powerful Hindu Mantra This ancient Hindu spiritual text is a invocation to the divine River Ganga, also known as Bhagirathi. The mantra is a call to the divine power of the river, seeking her blessings and guidance. The text is a beautiful expression of devotion and reverence, acknowledging the river’s sacred significance … Read more

Vishnu Mantra

1: -ॐ श्री परमात्मने नमः । 2: -ॐ नमो भगवते वासुदेवाय । 3: -यस्य स्मरणमात्रेन जन्मसंसारबन्धनात्‌। विमुच्यते नमस्तमै विष्णवे प्रभविष्णवे ॥ 4: -स्वस्ति न इंद्रो वृद्धश्रवाः स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः । स्वस्ति नस्ताक्र्षयो अरिष्टनेमिः स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु॥ 5: -दन्ताभये चक्र दरो दधानं,कराग्रगस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्। धृताब्जया लिंगितमब्धिपुत्रया,लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे॥ 6: -शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम् विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् … Read more

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