Kuber Chalisa
जैसे अटल हिमालय और जैसे अडिग सुमेर ।ऐसे ही स्वर्ग द्वार पै, अविचल खड़े कुबेर ॥विघ्न हरण मंगल करण, सुनो शरणागत की टेर ।भक्त हेतु वितरण करो, धन माया के ढ़ेर ॥ जै जै जै श्री कुबेर भण्डारी । धन माया के तुम अधिकारी ॥ तप तेज पुंज निर्भय भय हारी । पवन वेग सम … Read more