Dhanvantari Mantra

1-ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतरये अमृतकलशहस्ताय सर्वभयविनाशाय सर्वरोगनिवारणाय त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूपाय श्रीधन्वंतरीस्वरूपाय श्रीश्रीश्री औषधचक्राय नारायणाय नमः॥ 2-ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये अमृतकलशहस्ताय सर्व आमय विनाशनाय त्रिलोकनाथाय श्रीमहाविष्णुवे नम:॥ 3-ॐ धन्वंतरये नमः॥ धन्वंतरी स्तोत्रम् ॐ शंखं चक्रं जलौकां दधदमृतघटं चारुदोर्भिश्चतुर्मिः। सूक्ष्मस्वच्छातिहृद्यांशुक परिविलसन्मौलिमंभोजनेत्रम्॥ कालाम्भोदोज्ज्वलांगं कटितटविलसच्चारूपीतांबराढ्यम्। वन्दे धन्वंतरिं तं निखिलगदवनप्रौढदावाग्निलीलम्॥

Tulsi Aarti

जय तुलसी माता, मैय्या जय तुलसी माता जय जय तुलसी माता, मैय्या जय तुलसी माता । सब जग की सुख दाता, सबकी वर माता।। मैय्या जय तुलसी माता।। सब योगों से ऊपर, सब रोगों से ऊपर। रज से रक्ष करके, सबकी भव त्राता। मैय्या जय तुलसी माता।। बटु पुत्री है श्यामा, सूर बल्ली है ग्राम्या। … Read more

Kuber Aarti

ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे , स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे।शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे॥ ऊँ..॥ शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े, स्वामी भक्त कुबेर बड़े ।दैत्य दानव मानव से, कई-कई युद्ध लड़े ॥ ऊँ..॥ स्वर्ण सिंहासन बैठे, सिर पर छत्र फिरे,स्वामी सिर पर छत्र फिरे ।योगिनी मंगल गावैं,सब जय जय … Read more

Vishwakarma Aarti

जय श्री विश्वकर्मा ,प्रभु जय श्री विश्वकर्मा। सकल सृष्टि के कर्ता ,रक्षक स्तुति धर्मा ॥जय..॥ आदि सृष्टि में विधि को, श्रुति उपदेश दिया। जीव मात्र का जग में, ज्ञान विकास किया ॥जय..॥ ऋषि अंगिरा तप से ,शांति नही पाई। ध्यान किया जब प्रभु का ,सकल सिद्धि पाई ॥जय..॥ रोग ग्रस्त राजा ने, जब आश्रय लीना। … Read more

Krishna Aarti

आरती कुंजबिहारी की । श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ।। गले में बैजन्ती माला । बजावैं मुरलि मधुर बाला । श्रवण में कुंडल झलकाता । नंद के आनंद नन्दलाला । गगन सम अंग कान्ति काली । राधिका चमक रही आली। लतन में ठाढ़े बनमाली । भ्रमर-सी अलक । कस्तूरी तिलक,चंद्र-सी झलक । ललित छबि श्यामा … Read more

Brihaspati Dev Aarti

जय बृहस्पति देवा,ऊँ जय बृहस्पति देवा ।छिन छिन भोग लगा‌ऊँ,कदली फल मेवा ॥ऊँ जय बृहस्पति देवा,जय बृहस्पति देवा ॥तुम पूरण परमात्मा,तुम अन्तर्यामी ।जगतपिता जगदीश्वर,तुम सबके स्वामी ॥ऊँ जय बृहस्पति देवा,जय बृहस्पति देवा ॥चरणामृत निज निर्मल,सब पातक हर्ता ।सकल मनोरथ दायक,कृपा करो भर्ता ॥ऊँ जय बृहस्पति देवा,जय बृहस्पति देवा ॥तन, मन, धन अर्पण कर,जो जन शरण … Read more

Vishnu Aarti

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी  जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥ॐ..॥ जो ध्यावै फल पावै, दु:ख बिनसे मन का। सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का ॥ॐ..॥ मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी। तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी ॥ॐ..॥ तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥ पारब्रह्म परेमश्वर, तुम … Read more

Baglamukhi Chalisa

नमो महाविद्या बरदा , बगलामुखी दयाल। स्तम्भन क्षण में करे , सुमरित अरिकुल काल।। नमो नमो पीताम्बरा भवानी , बगलामुखी नमो कल्याणी। भक्त वत्सला शत्रु नशानी , नमो महाविद्या वरदानी।। अमृत सागर बीच तुम्हारा, रत्न जडि़त मणि मंडित प्यारा। स्वर्ण सिंहासन पर आसीना , पीताम्बर अति दिव्य नवीना।। स्वर्णभूषण अति सुन्दर धारे, सिर पर चन्द्र … Read more

Nag Chalisa

अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलं शन्खपाल धृतराष्ट्र च तक्षकं कलिय तथा एतानि नव नामानि नागानाम च महात्मनं सायमकाले पठेन्नीत्यं प्रातः काल विशेषतः नमो नमो भिलट सुख करते, नमो नमो देवा द:ख हरते मनभावन है रूप तुम्हारो, तिहुँ लोक फैलो उजियारों ।। कोमल अंग, श्याम रंग प्यारा, चाल चलत रेवा सी धारा । सेंदुर घृत … Read more

Bhairav Chalisa

श्री गणपति गुरु गौरी पद प्रेम सहित धरि माथ। चालीसा वंदन करो श्री शिव भैरवनाथ॥ श्री भैरव संकट हरण मंगल करण कृपाल। श्याम वरण विकराल वपु लोचन लाल विशाल॥ जय जय श्री काली के लाला। जयति जयति काशी-कुतवाला॥ जयति बटुक-भैरव भय हारी। जयति काल-भैरव बलकारी॥ जयति नाथ-भैरव विख्याता। जयति सर्व-भैरव सुखदाता॥ भैरव रूप कियो शिव … Read more

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