Vat Savitri Vrat Katha

वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को सम्पन्न किया जाता है। यह स्त्रियों का महत्त्वपूर्ण पर्व है। इस दिन सत्यवान सावित्री तथा यमराज की पूजा की जाती है। सावित्री ने इसी व्रत के प्रभाव से अपने मृतक पति सत्यवान को धर्मराज से छुड़ाया था। विधानः वट वृक्ष के नीचे मिट्टी की … Read more

Brhaspativaar Vrat Katha

प्राचीन समय की बात है। भारत में एक राजा राज्य करता था। वह बड़ा प्रतापी तथा दानी था। वह नित्यप्रति मन्दिर में भगवददर्शन करने जाता था। वह ब्राह्मण और गुरु की सेवा किया करता था। उसके द्वार से कोई भी आचंक निराश होकर नहीं लौटता था। वह प्रत्येक गुरुवार को व्रत रखता एवं पूजन करता … Read more

Shiv Stuti

श्री गिरिजापति वंदिकर, चरण मध्य शिरनाय । कहत अयोध्यादास तुम, मोपर होहु सहाय ।। नन्दी की सवारी नाग अंगीकार धारी नित,  संत सुखकारी नीलकंठ त्रिपुरारी हैं । गले मुण्डमाला धारी, सिर सोहे जटाधारी वाम अंग में बिहारी, गिरिजा सुतवारी हैं ।। दानी देख भारी, शेष शारदा पुकारी । काशीपति मदनारी, कर त्रिशूल चक्रधारी हैं ।। कला … Read more

Ram Stuti

श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्। नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।। कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्। पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।। भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्। रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।। सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं। … Read more

Vishnu Mantra

1: -ॐ श्री परमात्मने नमः । 2: -ॐ नमो भगवते वासुदेवाय । 3: -यस्य स्मरणमात्रेन जन्मसंसारबन्धनात्‌। विमुच्यते नमस्तमै विष्णवे प्रभविष्णवे ॥ 4: -स्वस्ति न इंद्रो वृद्धश्रवाः स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः । स्वस्ति नस्ताक्र्षयो अरिष्टनेमिः स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु॥ 5: -दन्ताभये चक्र दरो दधानं,कराग्रगस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्। धृताब्जया लिंगितमब्धिपुत्रया,लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे॥ 6: -शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम् विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् … Read more

Surya Mantra

1: -ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर: ||  2: -ऊँ आदित्याय विदमहे प्रभाकराय धीमहितन्न: सूर्य प्रचोदयात् ।  3: -ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घ्यं नमोस्तुतेl  4: -ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर: ||  5: -ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, … Read more

Durga Mantra

1: – या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ 2: -सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सवार्थ साधिके शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते || 3: -या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ 4: -ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।। 5: -ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै … Read more

Shiv Mantra

1:- ॐ नमः शिवाय। 2:- ॐ त्र्यंम्बकम् यजामहे, सुगन्धिपुष्टिवर्धनम्।        उर्वारुकमिव बन्धनान्, मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।। 3:-  ॐ ऐं ह्रीं शिव गौरीमय ह्रीं ऐं ऊं। 4:-  नमो नीलकण्ठाय। 5:-  ॐ पार्वतीपतये नमः। 6:-  ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय। 7:-  ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा।   8:-   ऊर्ध्व भू फट्। 9:-   इं क्षं मं औं … Read more

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