Dhanvantari Chalisa

करूं वंदना गुरू चरण रज, ह्रदय राखी श्री राम।मातृ पितृ चरण नमन करूँ, प्रभु कीर्ति करूँ बखान ॥१॥ तव कीर्ति आदि अनंत है , विष्णुअवतार भिषक महान।हृदय में आकर विराजिए,जय धन्वंतरि भगवान ॥२॥ जय धनवंतरि जय रोगारी। सुनलो प्रभु तुम अरज हमारी ॥१॥ तुम्हारी महिमा सब जन गावें। सकल साधुजन हिय हरषावे ॥२॥ शाश्वत है … Read more

Kuber Chalisa

जैसे अटल हिमालय और जैसे अडिग सुमेर ।ऐसे ही स्वर्ग द्वार पै, अविचल खड़े कुबेर ॥विघ्न हरण मंगल करण, सुनो शरणागत की टेर ।भक्त हेतु वितरण करो, धन माया के ढ़ेर ॥ जै जै जै श्री कुबेर भण्डारी । धन माया के तुम अधिकारी ॥ तप तेज पुंज निर्भय भय हारी । पवन वेग सम … Read more

Vishwakarma Chalisa

श्री विश्वकर्म प्रभु वन्दऊं, चरणकमल धरिध्यान। श्री, शुभ, बल अरु शिल्पगुण, दीजै दया निधान।। जय श्री विश्वकर्म भगवाना। जय विश्वेश्वर कृपा निधाना।। शिल्पाचार्य परम उपकारी। भुवना-पुत्र नाम छविकारी।। अष्टमबसु प्रभास-सुत नागर। शिल्पज्ञान जग कियउ उजागर।। अद्‍भुत सकल सृष्टि के कर्ता। सत्य ज्ञान श्रुति जग हित धर्ता।। अतुल तेज तुम्हतो जग माहीं। कोई विश्व मंह जानत … Read more

Bajrang Baan

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥  जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥ जन के काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥ जैसे कूदि सिंधु महिपारा। सुरसा बदन पैठि बिस्तारा॥ आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुर लोका॥ जाय बिभीषन को … Read more

Sankatmochan Hanumanashtak

बाल समय रवि भक्षी लियो तब,तीनहुं लोक भयो अंधियारों। ताहि सों त्रास भयो जग को,यह संकट काहु सों जात न टारो। देवन आनि करि बिनती तब,छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो। को नहीं जानत है जग में कपि,संकटमोचन नाम तिहारो ॥को.॥ बालि की त्रास कपीस बसैं, गिरि जात महाप्रभु पंथ निहारो। चौंकि महामुनि साप दियो तब,चाहिए … Read more

Sai Chalisa

पहले साईं के चरणों में, अपना शीश नमाऊं मैं। कैसे शिरडी साईं आए, सारा हाल सुनाऊं मैं॥ कौन है माता, पिता कौन है, ये न किसी ने भी जाना। कहां जन्म साईं ने धारा, प्रश्न पहेली रहा बना॥ कोई कहे अयोध्या के, ये रामचंद्र भगवान हैं। कोई कहता साईं बाबा, पवन पुत्र हनुमान हैं॥ कोई … Read more

Saraswati Chalisa

जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि।  बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। दुष्जनों के पाप को, मातु तु ही अब हन्तु॥ जय श्री सकल बुद्धि बलरासी। जय सर्वज्ञ अमर अविनाशी॥ जय जय जय वीणाकर धारी। करती सदा सुहंस सवारी॥ रूप चतुर्भुज धारी माता। सकल विश्व … Read more

Gayatri Chalisa

ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा जीवन ज्योति प्रचंड ॥ शांति कांति जागृत प्रगति रचना शक्ति अखंड ॥ जगत जननी मंगल करनि गायत्री सुखधाम ॥ प्रणवों सावित्री स्वधा स्वाहा पूरन काम ॥ भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी । गायत्री नित कलिमल दहनी ॥ अक्षर चौबीस परम पुनीता । इनमें बसें शास्त्र श्रुति गीता ॥ शाश्वत सतोगुणी … Read more

Navagraha Chalisa

श्री गणपति गुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय। नवग्रह चालीसा कहत, शारद होत सहाय।। जय जय रवि शशि सोम बुध जय गुरु भृगु शनि राज। जयति राहु अरु केतु ग्रह करहुं अनुग्रह आज।। ।। श्री सूर्य स्तुति ।। प्रथमहि रवि कहं नावौं माथा, करहुं कृपा जनि जानि अनाथा। हे आदित्य दिवाकर भानू, मैं मति मन्द महा … Read more

Sita Chalisa

बन्दौ चरण सरोज निज जनक लली सुख धाम, राम प्रिय किरपा करें सुमिरौं आठों धाम ॥ कीरति गाथा जो पढ़ें सुधरैं सगरे काम, मन मन्दिर बासा करें दुःख भंजन सिया राम ॥ राम प्रिया रघुपति रघुराई बैदेही की कीरत गाई ॥ चरण कमल बन्दों सिर नाई, सिय सुरसरि सब पाप नसाई ॥ जनक दुलारी राघव … Read more

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