Lakshmi Chalisa

मातु लक्ष्मी करि कृपा करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्ध कर पुरवहु मेरी आस॥ सिंधु सुता विष्णुप्रिये नत शिर बारंबार। ऋद्धि सिद्धि मंगलप्रदे नत शिर बारंबार॥ टेक॥ यही मोर अरदास, हाथ जोड़ विनती करूं। सब विधि करौ सुवास, जय जननि जगदंबिका॥ सिन्धु सुता मैं सुमिरौं तोही। ज्ञान बुद्धि विद्या दो मोहि॥ तुम समान नहिं कोई … Read more

Krishna Chalisa

बंशी शोभित कर मधुर । नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बफल । नयन कमल अभिराम॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख । पीताम्बर शुभ साज। जय मनमोहन मदन छवि । कृष्णचन्द्र महाराज॥ जय यदुनंदन जय जगवंदन। जय वसुदेव देवकी नन्दन॥ जय यशुदा सुत नन्द दुलारे। जय प्रभु भक्तन के दृग तारे॥ जय नटनागर, नाग नथइया। … Read more

Hey Nath Ab To Aisi Kripa Ho

हे नाथ अब तो ऐसी कृपा हो जीवन निरर्थक जाने न पाये यह मन न जाने क्या क्या दिखाए कुछ बन ना पाया मेरे बनाए संसार में ही आशक्त रह कर दिन-रात अपने ही मतलब की कहकर सुख के लिए लाखो दुःख सहकर ये दिन अभी तक यूहीं बिताये हे नाथ अब तो ऐसी कृपा … Read more

Wah Shakti Hamain Do Daya Nidhe

वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्त्तव्य मार्ग पर डट जावें! पर-सेवा पर-उपकार में हम,जग-जीवन सफल बना जावें! हम दीन-दुखी निबलों-विकलों के सेवक बन संताप हरें! जो हैं अटके, भूले-भटके,उनको तारें खुद तर जावें! वह शक्ति हमें दो दयानिधे,कर्त्तव्य मार्ग पर डट जावें! छल, दंभ-द्वेष, पाखंड-झूठ,अन्याय से निशिदिन दूर रहें! जीवन हो शुद्ध सरल अपना,शुचि प्रेम-सुधा … Read more

Tulasa Lahariya Le

तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा, तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा सावन में तुलसा की दुई दुई पाती, भादव में हुई दुई चार मोरे आँगनवा तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा..।। कुंवार में तुलसा सयानी भई है, कातिक में रचा है बिहाव मोरे अँगनवा तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा..।। अगहन में तुलसा गौने गई है, पूस में गई फुलयाये मोरे अंगनवा तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा..।। माघ में तुलसा गंगा नहानी, फागुन मा खेले फाग मोरे अँगनवा तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा..।। चैत मा तुलसा चैतन रही है, बैसाख मा गई बैकुण्ठ मोरे अँगनवा तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा..।। जेठ मा तुलसा गरभय आई, आषाढ़ मा गई हरियाऐ मोरे अँगनवा तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा..।। साँझ का दिया न सकार के बढ़नी वही कुलवन्ती नार मेरे अँगनवा तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा..।।

Ram Lakhan Siya Janaki

राम लखन सिया जानकी आज मैने सपने में देखा, राम लखन सिया जानकी आज मैने सपने में देखा चारो ओर चार खम्भे गड़े है, चारो ओर चार खम्भे गड़े है बीच में जी की पालकी आज मैंने सपने में देखा राम लखन सिया जानकी आज मैने सपने में देखा..।। चारों ओर चार भइया खड़े है, … Read more

Gopal Pyare Mangat Makhan Roti

Introduction to the Divine Hymn of Gopal The sacred Hindu spiritual text presented here is a heartfelt hymn dedicated to Lord Gopal, an incarnation of Lord Krishna. This beautiful composition is a poignant expression of devotion, love, and surrender to the divine. The hymn is a gentle prayer, where the devotee humbly requests Lord Gopal … Read more

Ek Samay Shree Krishna Radhika

एक समय श्री कृष्ण राधिका, एक समय श्री कृष्ण राधिका खेवें नवझ्या पानी में, हाँ हाँ खेवें नवझ्या पानी में खेवत खेवत दूर निकल गए, खेवत खेवत दूर निकल गए गिर गई मुरलिया पानी में, हाँ हाँ गिर गई मुरलिया पानी में.. ।। कहत कृष्ण जी सुनव राधिका, कहत कृष्ण जी सुनव राधिका ढूंढो मुरलिया … Read more

Vat Savitri Vrat Katha

वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को सम्पन्न किया जाता है। यह स्त्रियों का महत्त्वपूर्ण पर्व है। इस दिन सत्यवान सावित्री तथा यमराज की पूजा की जाती है। सावित्री ने इसी व्रत के प्रभाव से अपने मृतक पति सत्यवान को धर्मराज से छुड़ाया था। विधानः वट वृक्ष के नीचे मिट्टी की … Read more

Brhaspativaar Vrat Katha

प्राचीन समय की बात है। भारत में एक राजा राज्य करता था। वह बड़ा प्रतापी तथा दानी था। वह नित्यप्रति मन्दिर में भगवददर्शन करने जाता था। वह ब्राह्मण और गुरु की सेवा किया करता था। उसके द्वार से कोई भी आचंक निराश होकर नहीं लौटता था। वह प्रत्येक गुरुवार को व्रत रखता एवं पूजन करता … Read more

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