Vishwakarma Chalisa
श्री विश्वकर्म प्रभु वन्दऊं, चरणकमल धरिध्यान। श्री, शुभ, बल अरु शिल्पगुण, दीजै दया निधान।। जय श्री विश्वकर्म भगवाना। जय विश्वेश्वर कृपा निधाना।। शिल्पाचार्य परम उपकारी। भुवना-पुत्र नाम छविकारी।। अष्टमबसु प्रभास-सुत नागर। शिल्पज्ञान जग कियउ उजागर।। अद्भुत सकल सृष्टि के कर्ता। सत्य ज्ञान श्रुति जग हित धर्ता।। अतुल तेज तुम्हतो जग माहीं। कोई विश्व मंह जानत … Read more