Hey Nath Ab To Aisi Kripa Ho
हे नाथ अब तो ऐसी कृपा हो जीवन निरर्थक जाने न पाये यह मन न जाने क्या क्या दिखाए कुछ बन ना पाया मेरे बनाए संसार में ही आशक्त रह कर दिन-रात अपने ही मतलब की कहकर सुख के लिए लाखो दुःख सहकर ये दिन अभी तक यूहीं बिताये हे नाथ अब तो ऐसी कृपा … Read more